उत्तर सिक्किम में सतत पर्वतीय कृषि के लिए भाकृअनुप ने एकीकृत जैविक कृषि मॉडल का किया प्रदर्शन

उत्तर सिक्किम में सतत पर्वतीय कृषि के लिए भाकृअनुप ने एकीकृत जैविक कृषि मॉडल का किया प्रदर्शन

8 सितंबर, 2026, उत्तर सिक्किम

सिक्किम के माननीय राज्यपाल श्री ओम प्रकाश माथुर ने आज उत्तर सिक्किम के जोंगू स्थित लिंगडोंग गांव में एकीकृत जैविक कृषि प्रणाली मॉडल का दौरा किया। उनके साथ श्री अनंत जैन, जिला कलेक्टर तथा सिक्किम सरकार के विभिन्न संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। इस दौरे में पहाड़ी क्षेत्र के जनजातीय कृषक समुदायों की आजीविका को सुदृढ़ करने के लिए एकीकृत और टिकाऊ कृषि पद्धतियों की संभावनाओं को रेखांकित किया गया।

यह मॉडल भाकृअनुप पूर्वोत्तर पर्वतीय क्षेत्र के लिए अनुसंधान परिसर, सिक्किम केंद्र, ताडोंग, गंगटोक द्वारा 2021 से जनजातीय उप योजना (टीएसपी)/एनईएच घटक के तहत सिक्किम सरकार के बागवानी विभाग और मत्स्य विभाग के सहयोग से विकसित किया गया है। श्री छेरिंग ओंगडेन लेप्चा के खेत में स्थापित इस मॉडल में फसल विविधीकरण को डेयरी, मत्स्य पालन, मुर्गी पालन और बागवानी घटकों के साथ एकीकृत किया गया है। उनके प्रयासों की मान्यता में श्री लेप्चा को 2023 में आईएआरआई इनोवेटिव फार्मर अवॉर्ड प्रदान किया गया। मॉडल की सफलता के आधार पर एटीएमए उत्तर सिक्किम ने 2026 में इस स्थल पर एक फार्म स्कूल की स्थापना की।

ICAR Demonstrates Integrated Organic Farming Model for Sustainable Hill Agriculture in North Sikkim

दौरे के दौरान राज्यपाल ने टीएसपी के लाभार्थियों से बातचीत की और संसाधन संरक्षण, फसल विविधीकरण तथा बाजार संपर्क पर केंद्रित क्षेत्र-स्तरीय हस्तक्षेपों की समीक्षा की। प्रदर्शनों में ग्राउंड मल्चिंग, मौसमी फसल चक्र, वर्मी-कम्पोस्टिंग, पिछवाड़े में मुर्गी पालन, मधुमक्खी पालन, एजोला की खेती तथा संरक्षित परिस्थितियों में ऑफ-सीजन सब्जी उत्पादन शामिल थे।

कार्यक्रम में पर्वतीय कृषि के लिए उपयुक्त व्यावहारिक प्रौद्योगिकियों को भी प्रदर्शित किया गया, जिनमें ट्राउट पालन के लिए बारहमासी जलधारा के पानी को मोड़ने हेतु गुरुत्वाकर्षण-आधारित पॉली-लाइनिंग प्रणालियां, सर्दियों में जल प्रबंधन के लिए सूक्ष्म सिंचाई, हल्की कृषि मशीनीकरण तथा उत्पादकता और स्थिरता बढ़ाने के उद्देश्य से पर्यावरण-अनुकूल कीट प्रबंधन पद्धतियां शामिल थीं।

भाकृअनुप और राज्य के संबंधित विभागों द्वारा अपनाए गए सहयोगात्मक दृष्टिकोण की सराहना करते हुए श्री माथुर ने स्थानीय कृषि अर्थव्यवस्थाओं को मजबूत करने तथा सतत पर्वतीय कृषि के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने के लिए सामुदायिक भागीदारी, संस्थागत सहयोग और तकनीकी मार्गदर्शन के माध्यम से सफल एकीकृत कृषि मॉडलों को दोहराने की आवश्यकता पर जोर दिया।
 

ICAR Demonstrates Integrated Organic Farming Model for Sustainable Hill Agriculture in North Sikkim

कार्यक्रम में जमीनी स्तर पर उपयुक्त प्रौद्योगिकियों के प्रसार के लिए कृषि, बागवानी, मत्स्य पालन, एटीएमए और कृषि विज्ञान केन्द्र के समन्वित विस्तार प्रयासों के महत्व को रेखांकित किया गया। जोंगू में एकीकृत जैविक कृषि प्रणालियों के लिए निरंतर तकनीकी मार्गदर्शन और इनपुट सहायता पर भी जोर दिया गया।

विभिन्न संबंधित विभागों के प्रतिनिधियों ने कार्यक्रम में भाग लिया। फसल विविधीकरण और सतत बागवानी पद्धतियों को बढ़ावा देने के तहत प्रदर्शनकारी किसान के खेत में एवोकाडो के पौधे लगाए गए।

(स्रोत: भाकृअनुप पूर्वोत्तर पर्वतीय क्षेत्र के लिए अनुसंधान परिसर, सिक्किम केंद्र, ताडोंग, गंगटोक, सिक्किम)

×