23 फरवरी, 2026, हैदराबाद
भाकृअनुप–राष्ट्रीय मीट अनुसंधान संस्थान, हैदराबाद, ने आज संस्थान परिसर में बड़े उत्साह के साथ अपना 27वां स्थापना दिवस का आयोजन किया।
डॉ. आर.एन. चटर्जी, निदेशक, भाकृअनुप-कुक्कुट अनुसंधान निदेशालय, हैदराबाद, इस मौके पर मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद थे। अपने संबोधन में, उन्होंने पशुधन और मीट सेक्टर को मजबूत करने में वैज्ञानिक अनुसंधान, नवाचार और उद्योग जगत के सहयोग के बढ़ते महत्व पर ज़ोर दिया। उन्होंने देश की पोषण मांगों को पूरा करने और किसानों की इनकम बढ़ाने के लिए टिकाऊ, सुरक्षित और मूल्य संवर्धित मीट उत्पादन व्यवस्था विकसित करने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया।

डॉ. एस.बी. बारबुद्धे, निदेशक, भाकृअनुप-एनएमआरआई, ने आए हुए लोगों और प्रतिभागियों का स्वागत किया और पिछले साल संस्थान की उपलब्धियों और गतिविधि का अवलोकन किया। उन्होंने मीट साइंस, खाद्य सुरक्षा, तकनीकी विकास, कौशल प्रशिक्षण तथा मीट मूल्य श्रृंखला में उद्यमिता को बढ़ावा देने में संस्थान के योगदान पर ज़ोर दिया। उन्होंने संस्थान इंस्टीट्यूट को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए वैज्ञानिक, तकनीकी कर्मचारी, छात्रों और उद्योग साझेदार के मिलकर किए गए प्रयासों की भी तारीफ की।
इस समारोह ने मीट प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन तथा इससे जुड़े क्षेत्रों में काम करने वाले अनुसंधानकर्ता, युवा पेशेवर, उद्यम और पोषित उद्यम के बीच बातचीत के लिए एक प्लेटफ़ॉर्म दिया। इस कार्यक्रम ने अनुसंधान एवं नवाचार को क्षेत्र स्तरीय अनुप्रयोग में बदलने तथा पशुधन क्षेत्र में उभरते उद्यम को सपोर्ट करने के भाकृअनुप-एनएमआरआई के प्रतिबद्धता को फिर से पक्का किया।

कार्यक्रम हितधारकों की तारीफ़ तथा भारत में मीट सेक्टर की टिकाऊ विकास के लिए अनुसंधान, क्षमता निर्माण और उद्योग जुड़ाव शुरुआत को मजबूत करने के लिए नए प्रतिबद्धता के साथ खत्म हुआ।
इस प्रोग्राम में संस्थान के नवाचार तथा उद्यमिता पारिस्थितिकी तंत्र से जुड़े संस्थान के स्टाफ, छात्रों, इनक्यूबेटीज़ और नवउद्यम प्रतिभागियों ने सक्रिय प्रतिभागिता की।
(स्रोत: भाकृअनुप–राष्ट्रीय मीट अनुसंधान संस्थान, हैदराबाद)







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