भाकृअनुप–केन्द्रीय द्वीपीय कृषि अनुसंधान संस्थान, श्री विजयपुरम में किसान मेला–2026 सह-प्रदर्शनी का उद्घाटन

भाकृअनुप–केन्द्रीय द्वीपीय कृषि अनुसंधान संस्थान, श्री विजयपुरम में किसान मेला–2026 सह-प्रदर्शनी का उद्घाटन

27 फरवरी, 2026, श्री विजयपुरम

भाकृअनुप–केन्द्रीय द्वीपीय कृषि अनुसंधान संस्थान, श्री विजयपुरम, में आज किसान मेला–2026 सह-प्रदर्शनी का उद्घाटन डॉ. ए.के. नायक, उप-महानिदेशक, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, भाकृअनुप, द्वारा किया गया।

उद्घाटन समारोह में डॉ. ए. वेलमुरुगम, सहायक महानिदेशक, एसडब्ल्यूएम, भाकृअनुप, डॉ. बी. ऑगस्टीन जेरार्ड, परियोजना समन्वयक, पाम्स, भाकृअनुप–केन्द्रीय प्लांटेशन फसलों अनुसंधान संस्थान, कासरगोड), डॉ. जय सुंदर, निदेशक, भाकृअनुप-सीआईएआरआई, कार निकोबार. के जनजातीय प्रमुख श्री लियोनाल्ड निकोमेड, तथा श्री राकेश बी. पंगट, उप महाप्रबंधक, नाबार्ड, सहित वैज्ञानिक, अधिकारी, किसान, महिला किसान एवं अन्य हितधारक उपस्थित रहे।

अपने उद्घाटन संबोधन में डॉ. ए.के. नायक ने कृषि, बागवानी, पशुपालन, मत्स्य पालन एवं प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन के क्षेत्रों में भाकृअनुप-सीआईएआरआई के अनुसंधान, विकास एवं प्रौद्योगिकी हस्तांतरण में योगदान की सराहना की। उन्होंने किसान मेले को ज्ञान आदान-प्रदान और तकनीक प्रसार को सशक्त बनाने वाला महत्वपूर्ण मंच बताया।

Kisan Mela–2026-cum-Exhibition Inaugurated at ICAR–CIARI

अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह की विशिष्ट पारिस्थितिक संपदा—विस्तृत वन क्षेत्र, प्रचुर जल संसाधन और समृद्ध जैव विविधता—का उल्लेख करते हुए उन्होंने किसानों की आय बढ़ाने और आजीविका सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संसाधनों के सतत उपयोग के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने यह भी बताया कि द्वीपों में पर्यटन के विकास से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिला है और कृषि उत्पादों के लिए नए बाजार अवसर उत्पन्न हुए हैं।

उन्होंने किसानों से मेले में प्रदर्शित उन्नत तकनीकों को अपनाने का आग्रह किया, जिससे उत्पादकता और आय में वृद्धि हो सके। साथ ही उन्होंने कहा कि द्वीपों के कृषि उत्पादों में स्थानीय बाजार के साथ-साथ मुख्य भूमि भारत में भी अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने किसानों को संस्थान को नियमित फीडबैक देने और अनुसंधान संस्थानों, स्थानीय प्रशासन तथा हितधारकों के बीच सहयोगात्मक एवं बहु-विषयक प्रयासों को मजबूत करने पर बल दिया।

डॉ. ए. वेलमुरुगम  ने संस्थान द्वारा प्रदान की जाने वाली एग्रोमेट सलाह सेवाओं के उपयोग पर जोर देते हुए किसानों को मौसम आधारित सलाह का पालन करने की सलाह दी, जिससे उत्पादकता बढ़े और जलवायु जोखिम कम हों। उन्होंने किसानों को वैज्ञानिकों से नियमित संपर्क बनाए रखने और विशेषज्ञ मार्गदर्शन लेने के लिए प्रेरित किया।

डॉ. बी. ऑगस्टीन जेरार्ड ने किसानों को प्लांटेशन फसलों में सर्वोत्तम प्रबंधन प्रथाओं को अपनाने की सलाह दी। उन्होंने पोषक तत्व प्रबंधन, जल संरक्षण, कीट एवं रोग नियंत्रण तथा समय पर कृषि कार्यों के महत्व को बताया। साथ ही, उन्होंने अन्तः फसल (इंटरक्रॉपिंग) के लाभों—बेहतर संसाधन उपयोग, आय में विविधता और आर्थिक जोखिम में कमी—पर प्रकाश डाला।

नबार्ड के प्रतिनिधि श्री राकेश बी. पंगट ने किसानों, स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) और ग्रामीण उद्यमियों के लिए उपलब्ध विभिन्न वित्तीय योजनाओं और सहायता तंत्र की जानकारी दी।

तकनीकी प्रदर्शन और किसान भागीदारी

स्वागत भाषण में डॉ. जय सुंदर ने किसान मेले को तकनीक प्रसार और किसान-वैज्ञानिक संवाद को मजबूत करने का प्रभावी माध्यम बताया। उन्होंने किसानों को संस्थान द्वारा विकसित तकनीकों को अपनाने और वैज्ञानिकों के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।

मेले के दौरान भाकृअनुप-सीआईएआरआई के विभिन्न प्रभागों ने बागवानी, मत्स्य पालन, पशु विज्ञान, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन और फसल सुधार से संबंधित तकनीकों का प्रदर्शन किया। कुल 16 स्टॉल लगाए गए, जिनमें भाकृअनुप-सीआईएआरआई, कृषि विभाग, नाबार्ड, एसबीआई, एसएचजी, पीपीवीएफआरए तथा निजी संस्थाओं की प्रदर्शनी शामिल रही।

लगभग 400 किसान और महिला किसानों ने कार्यक्रम में भाग लिया तथा वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों के साथ सक्रिय संवाद किया, जिससे यह आयोजन ज्ञान आदान-प्रदान का सशक्त मंच बना। स्थानीय भाषा में विस्तार प्रकाशनों का विमोचन भी किया गया, जिससे उन्नत कृषि प्रथाओं को बढ़ावा मिले।

Kisan Mela–2026-cum-Exhibition Inaugurated at ICAR–CIARI

इससे पूर्व डॉ. ए.के. नायक तथा डॉ. ए. वेलमुरुगम ने संस्थान के विभिन्न प्रायोगिक फार्मों का दौरा किया, जिसमें विश्व नारियल जर्मप्लाज्म केंद्र (डब्ल्यूसीजीसी) भी शामिल है। वैज्ञानिकों और अधिकारियों के साथ एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें चल रहे अनुसंधान कार्यक्रमों और कृषि विकास रणनीतियों की समीक्षा की गई।

दौरे के दौरान डॉ. नायक ने “संवर्धन” (प्राथमिक पौध सुदृढ़ीकरण सुविधा) और इनडोर पोर्टेबल कार्प हैचरी यूनिट का उद्घाटन किया। उन्होंने सजावटी मछली प्रजनन इकाई का भी निरीक्षण किया और संस्थान के अनुसंधान कार्यों की सराहना की।

किसान मेला–2026 सह-प्रदर्शनी ने अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह में सतत कृषि को बढ़ावा देने और किसानों की आजीविका सुदृढ़ करने के प्रति भाकृअनुप-सीआईएआरआई की प्रतिबद्धता को पुनः स्थापित किया।

(स्रोत: भाकृअनुप–केन्द्रीय द्वीपीय कृषि अनुसंधान संस्थान, श्री विजयपुरम)

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