भाकृअनुप-क्रिडा, हैदराबाद द्वारा याचरम मंडल में संतुलित उर्वरक उपयोग पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन

भाकृअनुप-क्रिडा, हैदराबाद द्वारा याचरम मंडल में संतुलित उर्वरक उपयोग पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन

11 मई, 2026, हैदराबाद

भाकृअनुप-केन्द्रीय शुष्कभूमि कृषि अनुसंधान संस्थान (क्रिडा), हैदराबाद, ने आज तेलंगाना के रंगारेड्डी जिले के याचरम मंडल स्थित मंथन गोवरेली गांव में ‘मेरा गांव मेरा गौरव’ (एमजीएमजी) कार्यक्रम के अंतर्गत संतुलित उर्वरीकरण पर एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों के बीच टिकाऊ पोषक तत्व प्रबंधन पद्धतियों को बढ़ावा देना था। वैज्ञानिकों ने मृदा परीक्षण आधारित संतुलित उर्वरीकरण के महत्व पर प्रकाश डाला तथा यूरिया के अत्यधिक उपयोग से होने वाले दुष्प्रभावों के प्रति किसानों को सचेत किया। उन्होंने बताया कि यूरिया का अधिक उपयोग मृदा स्वास्थ्य, फसल उत्पादकता तथा कृषि लागत पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है।

ICAR-CRIDA, Hyderabad Organises Advocacy Programme on Balanced Use of Fertilizers in Yacharam Mandal

किसानों को फसल अवशेष जलाने, विशेषकर धान के अवशेष जलाने के हानिकारक प्रभावों के बारे में भी जागरूक किया गया तथा उन्हें पर्यावरण-अनुकूल विकल्प अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने तथा मृदा स्वास्थ्य सुधारने में जैव उर्वरकों के लाभों की विस्तृत जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में बीज उपचार, पौधों की जड़ों को घोल में डुबोकर उपचार करने तथा खेत में जैव उर्वरकों एवं जैविक खादों के साथ उनके उपयोग की विधियों और लाभों पर भी चर्चा की गई।

किसानों को सही मृदा नमूना संग्रहण तकनीकों तथा जैव उर्वरकों के माध्यम से वैज्ञानिक बीज उपचार पद्धतियों के बारे में भी जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में मंथन गोवरेली गांव के लगभग 96 किसानों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।

(स्रोत: भाकृअनुप-केन्द्रीय शुष्कभूमि कृषि अनुसंधान संस्थान, हैदराबाद)

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