11 मार्च, 2026, नई दिल्ली
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (भाकृअनुप) तथा विश्व संसाधन संस्थान, भारत (डब्ल्यूआरआई इंडिया), ने आज कृषि अनुसंधान, ज्ञान आदान-प्रदान तथा क्षमता निर्माण को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किया, जिसका लक्ष्य सतत एवं जलवायु-सहिष्णु खाद्य प्रणालियों को बढ़ावा देना है।
यह एमओयू भाकृअनुप और डब्ल्यूआरआई इंडिया के बीच सहयोग के लिए एक व्यापक रूपरेखा स्थापित करता है, जिसके अंतर्गत भाकृअनुप के विभिन्न अनुसंधान संस्थानों, केन्द्रों और संबद्ध संगठनों के साथ मिलकर संयुक्त पहले संचालित की जाएंगी। इस साझेदारी के तहत खाद्य हानि, फसल कटाई के बाद होने वाली हानि और खाद्य अपशिष्ट को कम करने, कृषि वानिकी के माध्यम से परिदृश्य पुनर्स्थापन को बढ़ावा देने तथा भारत में सतत, संसाधन-कुशल और जलवायु-सहिष्णु कृषि उत्पादन प्रणालियों को विकसित करने जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर कार्य किया जाएगा।

यह सहयोग कृषि मूल्य श्रृंखला के विभिन्न स्तरों पर क्षमता निर्माण को भी प्रोत्साहित करेगा, जिसमें शोधकर्ताओं, विस्तार कर्मियों, प्रैक्टिशनरों और नीति-निर्माताओं के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम शामिल हैं।
इस साझेदारी से सरकारी एजेंसियों, निजी क्षेत्र के हितधारकों, विकास भागीदारों और स्थानीय समुदायों के साथ सहभागिता को बढ़ावा मिलने की अपेक्षा है, जिससे खाद्य हानि और अपशिष्ट को कम करने, सतत कृषि पद्धतियों को सुदृढ़ करने तथा संसाधनों के कुशल उपयोग के लिए व्यावहारिक समाधानों को व्यापक स्तर पर लागू किया जा सके।
इस अवसर पर डॉ. एस.एन. झा, उप-महानिदेशक (कृषि अभियांत्रिकी), भाकृअनुप ने डब्ल्यूआरआई इंडिया की टीम को एमओयू के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु एक व्यापक कार्ययोजना तैयार करने और इस सहयोग को ठोस एवं प्रभावी परिणामों में परिवर्तित करने की सलाह दी।







फेसबुक पर लाइक करें
यूट्यूब पर सदस्यता लें
X पर फॉलो करना X
इंस्टाग्राम पर लाइक करें