24-28 फरवरी, 2026, जम्मू एवं कश्मीर
कृषि विज्ञान केन्द्र, बारामूला, भाकृअनुप-केन्द्रीय समशीतोष्ण बागवानी अनुसंधान संस्थान, ने आर्या (कृषि में युवाओं को आकर्षित करना तथा उन्हें जोड़े रखने) के मुहिम के तहत 24-28 फरवरी, 2026 तक केवीके में “स्मार्ट नर्सरी प्रक्रिया: कम लागत वाले पॉलीहाउस के तहत प्रवर्धन से डिजाइनर पौध उत्पादन तक’” पर पांच दिन का प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किया। यह कार्यक्रम ग्रामीण युवाओं में तकनीकी क्षमता बनाने तथा वैज्ञानिक नर्सरी उगाने और पौध प्रदर्शन में उद्यमिता के मौकों को बढ़ावा देने के लिए डिज़ाइन किया गया था।

कार्यक्रम के दौरान, प्रतिभागियों को लेयरिंग, ग्राफ्टिंग और बडिंग सहित अलग-अलग वैज्ञानिक प्रवर्धन तकनीक पर विस्तार से व्याख्यान के साथ-साथ व्यवहारिक प्रशिक्षण भी दी गई। वैज्ञानिक तरीके से नर्सरी बनाने और उनके प्रबंधन पर खास ज़ोर दिया गया, जिससे प्रतिभागि नर्सरी अवसंरचना, प्रवर्धन मीडिया तथा प्लांट हैंडलिंग तकनीकी के ज़रूरी हिस्सों को समझ सकें। वैज्ञानिक नर्सरी बनाने, नर्सरी प्रबंधन के तरीकों, प्लांट हेल्थ प्रबंधन और नर्सरी प्रणाली में रोग तथा पेस्ट प्रबंधन जैसे ज़रूरी पहलुओं पर विशेषज्ञ व्याख्यान भी दिया गया। इसके अलावा, प्रतिभागियों को वर्मीकम्पोस्टिंग तकनीक का प्रशिक्षण दिया गया, जिसमें नर्सरी उत्पादन के लिए जैविक कचरा निपटान और टिकाऊ पोषण प्रबंधन के महत्व पर ज़ोर दिया गया।
प्रतिभागियों को उच्च स्तरीय नर्सरी अवसंरचना, क्लोनल रूटस्टॉक प्रवर्धन और आधुनिक बागवानी तकनीकी का सीधा अनुभव प्रदान करने के लिए भाकृअनुप-सीआईटीएच, श्रीनगर, का एक प्रदर्शन भ्रमण का आयोजन किया गया। प्रदर्शन भ्रमण से प्रशिक्षुओं को व्यवहारिक समझ तथा प्रेरणा मिला। प्रशिक्षण कार्यक्रम एक समापन सत्र के साथ खत्म हुआ, जिसके दौरान केवीके, बारामूला के हेड और कार्यक्रम समन्वयक ने प्रशिक्षुओं को प्रतिभागिता के सर्टिफिकेट प्रदान किया। प्रशिक्षुओं ने प्रशिक्षण की गुणवत्ता से बहुत संतुष्टि जताई और प्रोग्राम के व्यवहारिक प्रदर्शन, उपयोगिता तथा इसकी प्रासंगिकता की तारीफ़ की। प्रतिभागियों से मिली प्रतिक्रिया काफी सकारात्मक था, और कई प्रशिक्षुओं ने नर्सरी उद्यमिता को रोज़ी-रोटी के मौके के तौर पर अपनाने की इच्छा जाहिर की।

इस प्रोग्राम को आर्या प्रोजेक्ट के तहत समन्वित किया गया था, जिसका मकसद क्षमता निर्माण के ज़रिए ग्रामीण युवाओं को मजबूत बनाना, वैज्ञानिक नर्सरी प्रैक्टिस को बढ़ावा देना, और बागवानी क्षेत्र में सतत तथा स्वरोजगार के मौके का निर्माण करना था।
बारामूला जिले के कुल 25 ग्रामीण युवाओं ने प्रशिक्षण कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी की।
(स्रोत: भाकृअनुप-केन्द्रीय समशीतोष्ण बागवानी अनुसंधान संस्थान, जम्मू एवं कश्मीर)







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