24 सितंबर, 2026, तिरुवनंतपुरम
स्वच्छता ही सेवा 2026 अभियान के एक हिस्से के रूप में, आज भाकृअनुप-केन्द्रीय कंद फसल अनुसंधान संस्थान, तिरुवनंतपुरम की बायोचार प्रसंस्करण इकाई में “शून्य-अपशिष्ट और सतत प्रथाओं” पर एक गतिविधि आयोजित की गई।
इस गतिविधि का आयोजन अपशिष्ट उत्पादन को न्यूनतम करने, अपशिष्ट पदार्थों के प्रभावी उपयोग को बढ़ावा देने और सतत अपशिष्ट-प्रबंधन प्रथाओं को प्रोत्साहित करने पर ध्यान केंद्रित करते हुए किया गया। इस पहल का आयोजन अभियान की कार्ययोजना के अनुरूप किया गया, जिसमें शून्य-अपशिष्ट कार्यक्रमों और सतत प्रथाओं को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है।

कार्यक्रम में भाकृअनुप-सीटीसीआरआई के कर्मचारियों, छात्रों, शोधार्थियों और स्वच्छता कर्मियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। केरल के सुचित्व मिशन के स्वयंसेवकों ने भी इस गतिविधि में भाग लिया, जिससे सामुदायिक सहभागिता को और मजबूती मिली तथा जिम्मेदार अपशिष्ट प्रबंधन और सतत प्रथाओं के बारे में जागरूकता बढ़ाने में मदद मिली।
इस पहल ने एक स्वच्छ, हरित और अधिक सतत पर्यावरण के निर्माण में सामूहिक सहभागिता के महत्व को रेखांकित किया।
(स्रोत: भाकृअनुप-केन्द्रीय कंद फसल अनुसंधान संस्थान, तिरुवनंतपुरम)







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