23 जून, 2026, अविकानगर
भाकृअनुप-केन्द्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान, अविकानगर, में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के निर्देशानुसार संचालित "खेत बचाओ अभियान" एवं फार्मर फर्स्ट परियोजना के अंतर्गत स्वयं सहायता समूह, किसान उत्पादक संगठन, कस्टम हायरिंग सेंटर एवं प्रगतिशील किसानों का सम्मेलन आज किसान हॉस्टल के मीटिंग रूम में आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. अरुण कुमार तोमर, निदेशक, सीए,डब्ल्यूआरआई, द्वारा किया गया।

डॉ. तोमर ने मृदा संरक्षण, संतुलित उर्वरक उपयोग, प्राकृतिक खेती तथा कृषि-पशुपालन आधारित एकीकृत कृषि प्रणाली के महत्व पर प्रकाश डालते हुए किसानों को टिकाऊ खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में 100 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें स्वयं सहायता समूह की महिला सदस्य, मालपुरा एवं टोंक क्षेत्र से आए किसान उत्पादक संगठन, कस्टम हायरिंग सेंटर एवं प्रगतिशील किसान तथा पशु चिकित्सा के अंतिम वर्ष के इंटर्न विद्यार्थी शामिल थे।

इस अवसर पर डॉ. एस.एस. मिश्रा, विभागाध्यक्ष, पशु आनुवंशिकी एवं प्रजनन विभाग, डॉ. एस.एस. डांगी, प्रधान अन्वेषक, फार्मर फर्स्ट परियोजना, डॉ. लीलाराम गुर्जर, डॉ. राजेश बिश्नोई एवं डॉ. मेघा पांडे ने प्रतिभागियों से संवाद किया। प्रतिभागियों को मृदा स्वास्थ्य, जैविक खेती, जल संरक्षण तथा टिकाऊ कृषि एवं पशुपालन पद्धतियों के संबंध में उपयोगी जानकारी प्रदान की गई।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने संस्थान का भ्रमण किया एवं विभिन्न अनुसंधान एवं विकास गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की।
(स्रोतः भाकृअनुप-केन्द्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान, अविकानगर)







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