15 मई, 2026, जूनागढ़
भाकृअनुप–भारतीय मूंगफली अनुसंधान संस्थान (भाकृअनुप-आईआईजीआर), जूनागढ़, द्वारा संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन पर राष्ट्रीय जागरूकता अभियान के अंतर्गत आज संस्थान परिसर में किसान मेला-सह-प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य मूंगफली खेती में संतुलित उर्वरक उपयोग, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण तथा टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देना था।
इस कार्यक्रम में जूनागढ़ के श्री संजयभाई कोराडिया, विधायक, डॉ. वी.पी. चोवतिया, कुलपति, जूनागढ़ कृषि विश्वविद्यालय (जेएयू), श्री जे.जे. भट्ट, जिला कृषि अधिकारी (डीएओ) तथा डॉ. एस.के. बेरा, निदेशक, भाकृअनुप-आईआईजीआर, के सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया।

वक्ताओं ने संतुलित उर्वरक उपयोग, मृदा परीक्षण, प्राकृतिक खेती तथा उत्पादकता एवं स्थिरता बढ़ाने के लिए पर्यावरण-अनुकूल एवं आधुनिक प्रौद्योगिकियों को अपनाने पर विशेष बल दिया। प्रगतिशील किसान प्रशोत्तमभाई सिधापरा ने प्राकृतिक खेती से जुड़े अपने अनुभव साझा किए।
संवादात्मक सत्र के दौरान किसानों ने अपनी प्रतिक्रियाएं साझा कीं तथा संस्थान द्वारा विकसित मूंगफली की उन्नत किस्मों एवं प्रौद्योगिकियों की सराहना की, जिन्होंने उत्पादकता एवं लाभप्रदता बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। यह कार्यक्रम किसान–वैज्ञानिक संवाद के लिए एक सशक्त मंच सिद्ध हुआ तथा टिकाऊ कृषि के प्रति जागरूकता बढ़ाने में सहायक रहा, जिससे उत्पादकता वृद्धि एवं खाद्य तेल आत्मनिर्भरता को बल मिलने की अपेक्षा है।

कार्यक्रम में कुल 459 किसानों ने भाग लिया, जबकि 28 स्टॉलों पर बीज, जैव-आदान, कृषि यंत्र, उर्वरक, सिंचाई प्रणालियाँ तथा आधुनिक कृषि प्रौद्योगिकियों का प्रदर्शन किया गया।
(स्रोत: भाकृअनुप–भारतीय मूंगफली अनुसंधान संस्थान, जूनागढ़)







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