16 अक्टूबर, 2026, नई दिल्ली
भाकृअनुप-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, नई दिल्ली ने आज कृषि अभियांत्रिकी प्रभाग के सभागार में विश्व खाद्य दिवस मनाया, जिसमें सतत कृषि-खाद्य प्रणालियों, कृषि नवाचारों, फसल विविधीकरण और जल संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला गया।
डॉ. चेरुकमल्ली श्रीनिवास राव, निदेशक, भाकृअनुप-आईएआरआई, ने मुख्य अतिथि के रूप में सभा को संबोधित किया। उन्होंने भारत की कृषि और खाद्य प्रणालियों को मजबूत करने में किसानों की अपरिहार्य भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने जोर दिया कि किसानों को उन्नत कृषि प्रौद्योगिकियों को अपनाने, मूल्य संवर्धन करने, भोजन की बर्बादी से बचने, किचन गार्डनिंग करने, दलहन और तिलहन उत्पादन के माध्यम से फसल विविधीकरण अपनाने, मृदा स्वास्थ्य और जल-उपयोग दक्षता में सुधार करने, पेड़ लगाने और विशेषज्ञों के परामर्श से जल संरक्षण तकनीकों को अपनाने की आवश्यकता है। उन्होंने किसानों को विशेषज्ञों द्वारा प्रदान किए जाने वाले ज्ञान से लाभान्वित होने के लिए संस्थान में समय-समय पर किसानों के लिए नियमित रूप से आयोजित किए जा रहे प्रशिक्षण कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए भी प्रेरित किया।

कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. संदीप कुमार लाल, नोडल अधिकारी, अनुसूचित जाति उप योजना (एससीएसपी) योजना, के स्वागत संबोधन से हुई। डॉ. सी. विश्वनाथन, संयुक्त निदेशक (अनुसंधान), ने विश्व खाद्य दिवस के महत्व और खाद्य उत्पादन में आत्मनिर्भर बनने के लिए किसानों और वैज्ञानिकों की भूमिका पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने सतत फसल उत्पादन और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में कृषि अनुसंधान, शिक्षा और प्रसार के महत्व पर भी प्रकाश डाला।
इसके बाद एक तकनीकी सत्र आयोजित किया गया, जिसमें किसानों को कृषि उत्पादकता, स्थिरता और किसानों की आजीविका को मजबूत करने के लिए खाद्य एवं पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु जल-उपयोग दक्षता, बागवानी फसलों, पौध संरक्षण, एकीकृत कृषि प्रणाली मॉडल, बीज उत्पादन और उच्च उपज देने वाली किस्मों के उपयोग से संबंधित प्रौद्योगिकियों के बारे में जानकारी दी गई।
समारोह के हिस्से के रूप में किसानों ने भाकृअनुप-आईएआरआई में अनुसंधान और प्रदर्शन सुविधाओं का दौरा किया, जिनमें संरक्षित खेती प्रौद्योगिकी केन्द्र (सीपीसीटी), एकीकृत कृषि प्रणाली सुविधाएं और धान, बाजरा तथा मक्का के खेत शामिल थे। इन दौरों ने प्रतिभागियों को प्रासंगिक कृषि प्रौद्योगिकियों, अनुसंधान पहलों और क्षेत्र-स्तरीय प्रदर्शनों से परिचित होने का अवसर प्रदान किया।

विश्व खाद्य दिवस समारोह ने कृषि अनुसंधान और नवाचार को आगे बढ़ाने, सतत कृषि-खाद्य प्रणालियों को बढ़ावा देने तथा खाद्य एवं पोषण सुरक्षा और किसानों की बेहतर आजीविका के राष्ट्रीय लक्ष्यों में योगदान देने के प्रति भाकृअनुप-आईएआरआई की प्रतिबद्धता की पुष्टि की।
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मेरठ और बुलंदशहर जिलों तथा हरियाणा के बहादुरगढ़ जिले से लगभग 158 किसानों ने भाग लिया, जिनमें 90 महिला किसान और 58 पुरुष किसान शामिल थे।
(स्रोत: भाकृअनुप-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, नई दिल्ली)








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