भाकृअनुप-आरसीईआर, नागालैंड केन्द्र में ‘नागालैंड के लिए कार्ययोजना: विकसित भारत लक्ष्य’ पर राज्य स्तरीय हितधारक बैठक का किया आयोजन

भाकृअनुप-आरसीईआर, नागालैंड केन्द्र में ‘नागालैंड के लिए कार्ययोजना: विकसित भारत लक्ष्य’ पर राज्य स्तरीय हितधारक बैठक का किया आयोजन

29 जून 2026, नागालैंड

"नागालैंड के लिए कार्ययोजना: विकसित भारत लक्ष्य" विषय पर एक राज्य स्तरीय हितधारक बैठक आज आईसीएआर–पूर्वोत्तर पर्वतीय क्षेत्र अनुसंधान परिसर (भाकृअनुप-आरसीईआर), नागालैंड केन्द्र, झरनापानी में आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य विकसित भारत-2047 के विज़न को साकार करने के लिए एक व्यापक रोडमैप तैयार करना था, जिसमें कृषि को राज्य के भावी विकास का प्रमुख आधार माना गया।

इस बैठक में वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों, वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं तथा विभिन्न हितधारक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और विज्ञान आधारित योजना, नवाचार तथा संस्थागत सहयोग के माध्यम से कृषि क्षेत्र को सुदृढ़ बनाने की रणनीतियों पर विचार-विमर्श किया।

नागालैंड सरकार की जल संसाधन एवं बागवानी मंत्री श्रीमती सल्हौतुओनुओ क्रूज़ ने किसान-केन्द्रित कृषि परिवर्तन के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कृषि उत्पादकता बढ़ाने, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, कृषि उद्यमिता को बढ़ावा देने तथा सतत विकास सुनिश्चित करने के लिए आधुनिक कृषि प्रौद्योगिकियों को तेजी से अपनाने जैसे प्रमुख प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर विशेष बल दिया।

डॉ. बी.पी. भट्ट, कुलपति, वीर चंद्र सिंह गढ़वाली उत्तराखंड औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय (वीसीएसजी यूयूएचएफ), भरसार, पौड़ी गढ़वाल, ने नागालैंड की समृद्ध स्वदेशी फसलों और प्राकृतिक संसाधनों का बेहतर उपयोग करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने क्षेत्र के विशिष्ट पारंपरिक खाद्य पदार्थों की औषधीय क्षमता का आकलन करने के महत्व पर भी बल दिया, जिससे अनुसंधान, मूल्य संवर्धन और आर्थिक विकास के नए अवसर सृजित किए जा सकें।

State Stakeholders’ Meeting on ‘Action Plan for Nagaland: Viksit Bharat Goal’ Organized at ICAR-RCER, Nagaland Centre

नागालैंड सरकार के कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. ज़ासेकुओली चूसी ने प्रस्तावित कार्ययोजना को प्रभावी ढंग से क्रियान्वित कर ठोस परिणाम प्राप्त करने के लिए सरकारी विभागों, अनुसंधान संस्थानों तथा विकास एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने किसानों की आय बढ़ाने, खाद्य एवं पोषण सुरक्षा को सुदृढ़ करने तथा पूरे राज्य में सतत कृषि विकास को बढ़ावा देने की आवश्यकता को रेखांकित किया।

बैठक में भाकृअनुप-राष्ट्रीय मिथुन अनुसंधान केन्द्र के निदेशक, नागालैंड सरकार के कृषि निदेशक, बागवानी निदेशक, मत्स्य एवं जलीय संसाधन निदेशक, कृषि संयुक्त निदेशक, बागवानी संयुक्त निदेशक, कॉलेज ऑफ वेटरिनरी साइंसेज़ एंड एनिमल हसबेंड्री (सीओवीएससी एंड एएच), जलुकी के अधिष्ठाता, कृषि विज्ञान केन्द्रों (केवीके) के प्रमुख, एसएएस-एनयू के विभिन्न विभागाध्यक्ष, वैज्ञानिक, राज्य सरकार के अधिकारी, मुख्य तकनीकी अधिकारी (सीटीओ), विषय विशेषज्ञ (एसएमएस) तथा तकनीकी अधिकारियों ने सक्रिय रूप से विचार-विमर्श में भाग लिया।

बैठक का समापन नागालैंड में कृषि को सुदृढ़ करने, किसानों की आजीविका में सुधार लाने तथा विकसित भारत-2047 के विज़न को साकार करने में योगदान देने के लिए विज्ञान-आधारित रोडमैप तैयार करने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।

(स्रोत: भाकृअनुप अनुसंधान परिसर, पूर्वोत्तर पर्वतीय क्षेत्र, उमियाम, मेघालय)

×