24 अप्रैल, 2026, गुवाहाटी
भाकृअनुप–कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान (भाकृअनुप-अटारी), जोन VI, गुवाहाटी द्वारा आज केवीके, कामरूप में “किसान सारथी: 2.0” पर एक दिवसीय जागरूकता एवं संवेदनशीलता कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य डिजिटल कृषि विस्तार सेवाओं को सशक्त बनाना तथा हितधारकों के बीच किसान सारथी मंच के प्रति जागरूकता और अपनाने को बढ़ावा देना था।
उद्घाटन सत्र में डॉ. जी. कादिरवेल, निदेशक, भाकृअनुप-अटारी, जोन VI, गुवाहाटी, ने स्वागत संबोधन दिया तथा किसानों तक पहुंच एवं परामर्श सेवाओं को बेहतर बनाने में डिजिटल प्लेटफॉर्म की महत्ता पर जोर दिया। इस अवसर पर किसान समुदायों में व्यापक जानकारी प्रसार हेतु किसान सारथी पुस्तिका का भी विमोचन किया गया।

तकनीकी सत्रों में किसान सारथी 2.0 के उन्नत फीचर्स की विस्तृत जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने इवेंट प्रबंधन, संसाधन भंडार, डैशबोर्ड, ऑनलाइन बैठकें तथा एकीकृत हेल्प डेस्क प्रणाली जैसी प्रमुख सुविधाओं पर प्रकाश डाला। यह मंच केवीके को कार्यक्रम अपलोड करने, ज्ञान संसाधन साझा करने तथा मोबाइल ऐप, वेब पोर्टल और व्हाट्सएप जैसे विभिन्न माध्यमों से किसानों से सीधे जुड़ने में सक्षम बनाता है।
सत्र में किसान सारथी 2.0 की भूमिका को वैज्ञानिक परामर्श व्यवस्था की रीढ़ के रूप में रेखांकित किया गया। साथ ही, इसकी भारत विस्तार, चैटबॉट सिस्टम तथा एआई आधारित सलाहकारी तंत्र से एकीकृत व्यवस्था की जानकारी भी दी गई। इसमें संरचित प्रश्न प्रबंधन, सेवा स्तरीय समझौते (एसएलए) तथा बहु-चैनल किसान सहायता प्रणाली को शामिल किया गया है, जिससे किसानों की समस्याओं का समयबद्ध और प्रभावी समाधान सुनिश्चित हो सके।
इसके अतिरिक्त, किसान सारथी 2.0 की कार्यप्रणाली एवं क्रियान्वयन रणनीतियों पर चर्चा की गई, जिसका उद्देश्य किसानों तक पहुंच को मजबूत करना और सेवा वितरण में सुधार करना है।
कार्यशाला का एक प्रमुख आकर्षण केवीके द्वारा तैयार सामग्री को राष्ट्रीय स्तर पर सुलभ डिजिटल ज्ञान भंडार में बदलने पर जोर देना रहा हैं। प्रतिभागियों को विस्तार सामग्री का डिजिटलीकरण करने, किसान पंजीकरण बढ़ाने तथा मंच का सक्रिय उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया।

एक संवादात्मक फीडबैक सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें किसानों, एफपीओ प्रतिनिधियों तथा केवीके कर्मियों ने अपने अनुभव, चुनौतियां और सुझाव साझा किए। चर्चाओं में जागरूकता बढ़ाने, क्षमता निर्माण और निरंतर तकनीकी सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया गया।
यह कार्यक्रम डिजिटल नवाचार के माध्यम से कृषि सलाहकारी सेवाओं को सशक्त बनाने तथा किसानों को समय पर, विश्वसनीय और सुलभ जानकारी उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुआ।
कार्यशाला में भाकृअनुप के वैज्ञानिकों, कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) प्रतिनिधियों, विषय विशेषज्ञों (एसएमएस), किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) तथा किसानों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में लगभग 105 प्रतिभागियों ने सहभागिता की।
(स्रोत: भाकृअनुप–कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान, जोन VI, गुवाहाटी)







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