14 मई, 2026, हैदराबाद
भाकृअनुप–कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान (अटारी), हैदराबाद, द्वारा समन्वित “संतुलित उर्वरकों के उपयोग पर गहन अभियान” के अंतर्गत आज आंध्र प्रदेश के 8 जिलों में 7 सहभागी कृषि विज्ञान केन्द्रों (केवीके) के माध्यम से जागरूकता एवं विस्तार गतिविधियाँ आयोजित की गई। अभियान का उद्देश्य क्षेत्रीय विस्तार हस्तक्षेपों के माध्यम से वैज्ञानिक पोषक तत्व प्रबंधन, संतुलित उर्वरक उपयोग, मृदा स्वास्थ्य सुधार तथा उर्वरकों के टिकाऊ उपयोग को बढ़ावा देना था।
जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से कुल 428 किसानों को लाभान्वित किया गया, जबकि 6 प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से 254 किसानों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया तथा हितधारक संवाद कार्यक्रमों में 53 प्रतिभागियों ने भाग लिया। कृषि विज्ञान केन्द्रों के वैज्ञानिकों ने विभिन्न प्रचार माध्यमों के जरिए 1,554 तकनीकी परामर्श एवं विस्तार व्याख्यान प्रसारित किया। अभियान के अंतर्गत व्हाट्सएप, फेसबुक, एक्स तथा अन्य मीडिया प्लेटफॉर्मों के माध्यम से 41,595 किसानों तक डिजिटल पहुँच बनाई गई, जबकि 900 किसानों तक प्रत्यक्ष संपर्क एवं संवाद के माध्यम से पहुँचा गया।

संतुलित उर्वरक उपयोग एवं टिकाऊ पोषक तत्व प्रबंधन पद्धतियों को बढ़ावा देने हेतु प्रदर्शन एवं विस्तार सहायता गतिविधियाँ भी आयोजित की गईं। समग्र रूप से इस अभियान के माध्यम से आंध्र प्रदेश के सहभागी जिलों में कुल 42,495 किसान संपर्क स्थापित किया गया।
इसी क्रम में भाकृअनुप–कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान (अटारी) द्वारा समन्वित “संतुलित उर्वरकों के उपयोग पर गहन अभियान” के अंतर्गत 14 मई, 2026 को आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु तथा पुडुचेरी में अटारी जोन X के अंतर्गत आने वाले सभी 72 कृषि विज्ञान केन्द्रों (केवीके) द्वारा व्यापक जागरूकता एवं विस्तार गतिविधियाँ आयोजित की गईं।
अभियान के दौरान किसानों के बीच संतुलित उर्वरक उपयोग, मृदा परीक्षण आधारित पोषक तत्व प्रबंधन, एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन, हरी खाद के उपयोग तथा उर्वरकों के दक्ष उपयोग को बढ़ावा दिया गया।
दिनभर में 34 जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से 1,236 किसानों को लाभान्वित किया गया, जबकि 2 किसान गोष्ठी/फील्ड डे कार्यक्रमों में 15 किसानों ने भाग लिया तथा 12 प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से 488 किसानों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त संवाद बैठकों एवं हितधारक अंतःक्रिया कार्यक्रमों में 88 प्रतिभागियों ने भाग लिया। कृषि विज्ञान केंद्रों के वैज्ञानिकों द्वारा विभिन्न संचार माध्यमों से 27,388 तकनीकी परामर्श एवं विस्तार व्याख्यान प्रसारित किए गए।

अभियान के दौरान व्हाट्सएप, फेसबुक, एक्स, रेडियो तथा अन्य मीडिया प्लेटफॉर्मों के माध्यम से 99,971 किसानों तक डिजिटल पहुँच बनाई गई, जबकि 2,248 किसानों तक व्यक्तिगत विस्तार गतिविधियों के माध्यम से प्रत्यक्ष संपर्क स्थापित किया गया। इस प्रकार चारों राज्यों में भौतिक संपर्क एवं विस्तार हस्तक्षेपों के माध्यम से कुल 1,02,219 किसानों तक पहुँच बनाई गई।
टिकाऊ पोषक तत्व प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए हरी खाद एवं जैव उर्वरक उपयोग पर प्रदर्शन भी आयोजित किए गए, जिससे अटारी जोन X के अंतर्गत किसानों में वैज्ञानिक एवं संतुलित उर्वरक उपयोग के प्रति जागरूकता को उल्लेखनीय रूप से सुदृढ़ किया गया।
(स्रोत: भाकृअनुप–कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान, हैदराबाद)







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