24 अप्रैल, 2026, हैदराबाद
भाकृअनुप–कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान (अटारी), जोन X, हैदराबाद के अंतर्गत आंध्र प्रदेश के आठ उच्च डीएपी (ढीएपी) उपभोग वाले जिलों में संतुलित उर्वरक उपयोग को बढ़ावा देने हेतु एक व्यापक अभियान सफलतापूर्वक चलाया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य किसानों में वैज्ञानिक पोषक तत्व एवं इनपुट प्रबंधन पद्धतियों को अपनाने के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।

यह अभियान आठ कृषि विज्ञान केन्द्रों (केवीके) के माध्यम से संचालित किया गया, जिनके तहत कुल 11 कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें जागरूकता अभियान, फील्ड स्तर की गतिविधियाँ और प्रशिक्षण सत्र शामिल थे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से 484 किसानों को सीधे लाभ मिला तथा उन्हें उर्वरकों के कुशल उपयोग तथा टिकाऊ कृषि पद्धतियों के बारे में जानकारी दी गई।
अभियान के अंतर्गत फील्ड डे और किसान गोष्ठियों का आयोजन किया गया, साथ ही चार संरचित प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से 329 किसानों को लाभान्वित किया गया। इस पहल में पंचायत प्रतिनिधियों और इनपुट डीलरों की भागीदारी सुनिश्चित की गई, जिससे जमीनी स्तर पर वैज्ञानिक पोषक तत्व प्रबंधन को बढ़ावा मिला।
मैदानी गतिविधियों के अलावा, इस अभियान ने डिजिटल एवं जनसंचार माध्यमों के जरिए व्यापक पहुंच बनाई। व्हाट्सएप और फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से 4.14 लाख से अधिक किसानों तक जानकारी पहुंचाई गई, साथ ही विस्तार वार्ताओं एवं मीडिया माध्यमों का भी उपयोग किया गया।

कुल 956 किसानों ने तकनीकी परामर्श के लिए कृषि विज्ञान केन्द्रों का दौरा किया, जबकि आठ फ्रंटलाइन प्रदर्शन आयोजित किए गए, जिनमें हरित खाद, जैव उर्वरकों के उपयोग तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन जैसी तकनीकों को बढ़ावा दिया गया।
समग्र रूप से, इस अभियान ने संतुलित उर्वरक उपयोग के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे पोषक तत्वों की उपयोग दक्षता में सुधार हुआ एवं सतत मृदा स्वास्थ्य को प्रोत्साहन मिला।
(स्रोत: भाकृअनुप–कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान, जोन X, हैदराबाद)







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