22 अगस्त, 2026, तिरुपति
डॉ. राजबीर सिंह, उप-महानिदेशक (कृषि प्रसार), भाकृअनुप ने आज रास–कृषि विज्ञान केन्द्र, करकंबाडी, तिरुपति का दौरा किया और इसकी गतिविधियों की समीक्षा की।
सभा को संबोधित करते हुए डॉ. राजबीर सिंह ने तीन दशकों से अधिक समय से कृषक समुदाय के लिए केवीके द्वारा प्रदान की जा रही सेवाओं की सराहना की। उन्होंने प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, कृषि आय बढ़ाने और कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में ग्रामीण युवाओं के कौशल विकास में केवीके की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने प्रगतिशील किसानों के साथ भी बातचीत की और लागत प्रभावी, वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया।

डॉ. शेख एन. मीरा, निदेशक, भाकृअनुप–कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान, जोन X, हैदराबाद ने पूरे जोन में कृषि नवाचार को बढ़ावा देने में केवीके की परिवर्तनकारी भूमिका पर प्रकाश डाला।
डॉ. एस. वेंकटरत्नम, अध्यक्ष, रास–केवीके एवं महासचिव, रास ने संगठन की ग्रामीण विकास पहलों की रूपरेखा प्रस्तुत की, जबकि वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख ने प्रौद्योगिकी प्रसार, कृषि मशीनीकरण, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन और किसान-केंद्रित अभियानों में केवीके की उपलब्धियों को प्रस्तुत किया।

किसान–वैज्ञानिक संवाद के दौरान एएनजीआरएयू, एसवीवीयू और आरएआरएस, तिरुपति के विशेषज्ञों ने अल नीनो की परिस्थितियों में आकस्मिक फसल योजना, मृदा एवं जल संरक्षण, प्राकृतिक खेती और वैज्ञानिक पशुधन प्रबंधन पर परामर्श प्रदान किया। केवीके के प्रकाशनों का विमोचन किया गया तथा प्रदर्शन आयोजित करने के लिए लाभार्थी किसानों के बीच जैव-कीटनाशक, सूक्ष्म पोषक तत्व मिश्रण और खनिज मिश्रण वितरित किए गए।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के अधिकारियों, वैज्ञानिकों, रास–केवीके के कर्मियों और 30 से अधिक प्रगतिशील किसानों ने भाग लिया।
(स्रोत: भाकृअनुप–कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान, जोन X, हैदराबाद)







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