भाकृअनुप-सीटीसीआरआई, तिरुवनंतपुरम ने शपथ और जागरूकता गतिविधियों के साथ स्वच्छता ही सेवा 2026 का शुभारंभ किया

भाकृअनुप-सीटीसीआरआई, तिरुवनंतपुरम ने शपथ और जागरूकता गतिविधियों के साथ स्वच्छता ही सेवा 2026 का शुभारंभ किया

17 सितंबर 2026, तिरुवनंतपुरम

भाकृअनुप-केन्द्रीय कंद फसल अनुसंधान संस्थान, तिरुवनंतपुरम ने ‘स्वच्छता में सहभाग, स्वच्छ भारत, विकसित भारत’ विषय के तहत 17 सितंबर, 2026 को स्वच्छता ही सेवा अभियान 2026 का शुभारंभ किया।

अभियान के शुभारंभ के तहत, स्वच्छता ही सेवा 2026 के विषय और उद्देश्यों को दर्शाने वाले बैनर संस्थान के प्रमुख स्थानों पर लगाए गए, जिनमें रूटस्केप एरीना, स्वागत क्षेत्र और मुख्य प्रवेश द्वार शामिल हैं। अभियान के संदेश स्वागत क्षेत्र के पास डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड पर भी प्रदर्शित किए गए।

ICAR-CTCRI, Thiruvananthapuram Launches Swachhata Hi Seva 2026 with Pledge and Awareness Activities

कार्यक्रम की शुरुआत स्वच्छता शपथ के साथ हुई, जिसे डॉ. जी. बायजू, निदेशक, भाकृअनुप-सीटीसीआरआई, ने कर्मचारियों, विद्यार्थियों, शोधार्थियों, संविदा कर्मियों और हाउसकीपिंग कर्मचारियों की उपस्थिति में दिलाई।

डॉ. पी. मुरुगेसन, अध्यक्ष, स्वच्छ भारत अभियान संस्थान समिति, ने प्रतिभागियों का स्वागत किया और उन्हें मंत्रालय एवं भाकृअनुप के दिशानिर्देशों के साथ-साथ अभियान के विषय और उद्देश्यों के बारे में जानकारी दी। श्री बी.टी. हरीश, सदस्य सचिव, सदस्य सचिव, स्वच्छता समिति, ने अभियान के दौरान विभिन्न तिथियों के लिए निर्धारित गतिविधियों की रूपरेखा प्रस्तुत की।

शपथ समारोह के बाद, बिक्री काउंटर के पास स्थापित स्वच्छता ही सेवा सेल्फी प्वाइंट का निदेशक द्वारा उद्घाटन किया गया। इस पहल ने प्रतिभागियों को अभियान से जुड़ने और स्वच्छता तथा सामूहिक भागीदारी के महत्व के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए प्रोत्साहित किया।

ICAR-CTCRI, Thiruvananthapuram Launches Swachhata Hi Seva 2026 with Pledge and Awareness Activities

प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए डॉ. बायजू ने स्वच्छता ही सेवा 2026 के महत्व पर जोर दिया और स्वच्छता को बढ़ावा देने तथा स्वच्छ एवं स्वच्छतापूर्ण संस्थागत वातावरण बनाए रखने में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।

पहले दिन के कार्यक्रम में 120 कर्मचारियों, विद्यार्थियों, शोधार्थियों, संविदा कर्मियों और हाउसकीपिंग कर्मचारियों ने भाग लिया।

(स्रोत: भाकृअनुप-केन्द्रीय कंद फसल अनुसंधान संस्थान, तिरुवनंतपुरम)

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