श्री कमलेश डी. पटेल ने "कृषि के ऋषि बनने" पर आध्यात्मिक व्याख्यान दिया
8 जुलाई, 2022, हैदराबाद
श्री कमलेश डी. पटेल, अध्यक्ष, श्री राम चंद्र मिशन और आध्यात्मिक मार्गदर्शक, हार्टफुलनेस मेडिटेशन (जिसे प्यार से दाजी के नाम से जाना जाता है) ने "भारत का अमृत महोत्सव" भाकृअनुप व्याख्यान श्रृंखला के एक भाग के रूप में "कृषि के ऋषि बनने" पर आध्यात्मिक व्याख्यान आज भाकृअनुप-राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान प्रबंधन अकादमी, हैदराबाद में दिया।
भारत की स्वतंत्रता के 75वें वर्ष में "भारत का अमृत महोत्सव" गतिविधियों के एक भाग के रूप में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली द्वारा "75 व्याख्यान श्रृंखला" शीर्षक के अन्तर्गत, दाजी का व्याख्यान 67वां विशाल आउटरीच अभियान है।
दाजी ने व्याख्यान में कहा कि भोजन जीवन की मूलभूत आवश्यकता है। उन्होंने कहा मन, शरीर और आत्मा की अखंडता के बारे में तभी सोचा जा सकता है जब वह अच्छी तरह से पोषित हो। वैदिक काल से ही हमारे ऋषियों ने कृषि पर बहुत बल दिया है। महान ऋषि पाराशर ने “कृषि पराशर” के माध्यम से कृषि पर अपनी शिक्षाओं को समर्पित कर दिया। श्री पटेल ने कहा कि इस आधार पर हमें ज्ञान प्रसार का पालन करना चाहिए। उन्होंने ध्यान के माध्यम से आत्म-चेतना को उच्च चेतना में ट्यून करने की सलाह दी जिसके परिणामस्वरूप मन और शरीर के समग्र कल्याण के अलावा अधिक से अधिक सकारात्मक ऊर्जा पैदा होगी। दाजी ने कहा कि खुशी हाथ, सिर और हृदय को सकारात्मक दिशा में संरेखित करने एवं व्यक्ति के अंदर आती है।
डॉ. आर.सी. अग्रवाल, उप महानिदेशक (कृषि शिक्षा), भाकृअनुप ने स्वागत संबोधन में कृषि विश्वविद्यालयों के साथ-साथ भाकृअनुप के योगदान के बारे में जानकारी दी, जिन्होंने देश को खाद्य उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाया है। डीडीजी ने हार्टफुलनेस के बारे में भी बताया।
डॉ. चौ. श्रीनिवास राव, निदेशक, भाकृअनुप-नार्म, हैदराबाद ने इस अवसर पर बोलते हुए कहा कि दाजी के व्याख्यान से मृदा संरक्षण, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन और केंद्रित दिमाग के साथ आत्म-शांति प्रमुख बिंदु हैं। उन्होंने, दाजी को, इस अवसर की शोभा बढ़ाने, कृषि के साथ हार्टफुलनेस व्याख्यान देने और दर्शकों को ध्यान का अभ्यास कराने के लिए, धन्यवाद दिया।
कार्यक्रम का संचालन, डॉ. जी. वेंकटेश्वरलू, संयुक्त निदेशक, भाकृअनुप-नार्म, हैदराबाद द्वारा किया गया।
इस कार्यक्रम में, कृषि विश्वविद्यालयों के लगभग 100 कुलपति, भाकृअनुप के उप महानिदेशक, विभिन्न भाकृअनुप संस्थानों के निदेशक, भाकृअनुप-एनएएआरएम के वरिष्ठ स्टाफ सदस्य, कृषि विश्वविद्यालयों के वरिष्ठ प्रोफेसर और संकाय सदस्य; भाकृअनुप-एनएएआरएम और पीजेटीएसएयू, हैदराबाद के शिक्षक, वैज्ञानिक और छात्र भी शामिल हुए।
(स्रोत: भाकृअनुप-राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान प्रबंधन अकादमी, हैदराबाद)
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