Reports on Capacity Building

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शूट गाल सायला के प्रभावी प्रबंधन से आम के बाग से दोगुनी आगदनी

विभिन्न कीटों में शूट गाल सायला, एप्सायला सेस्टेलाटा बक्टोन (सायलिडि: होमोप्टेरा) आम का एक हानिकारक नाशीकीट है जो पत्ते के डंठल पर गांठ बनाता है जिससे पुष्पक्रम रुक जाता है और ज्यादातर प्रभावित तने सूख भी जाते हैं। एक अनुमान के अनुसार उत्तराखंड के देहरादून जिले में 4,000 हैक्टर से ज्यादा आम के बाग शूट गाल सायला से प्रभावित है। पिछले एक दशक से देहरादून में इस रोग का प्रकोप बढ़ा है। इससे पहले मोनोक्रोटोफॉस, डिमेथोएट और क्विलैनफॉस कीटनाशक शूट गाल सायला को नियंत्रित करने के लिए अनुशंसित किए जाते थे लेकिन ये कीटनाशक पिछले 6-7 सालों से प्रभावकारी नहीं रहे हैं। संभवतः इसका कारण कीटनाशकों के लगातार

जनजातीय किसानों के लिए शूकर पालन परियोजना

27 सितंबर, 2016, येवांग, अरूणाचल प्रदेश

Pig rearing programme for Tribal Farmers

भाकृनुप – राष्ट्रीय याक अनुसंधान केन्द्र, पश्चिमी केमांग और भाकृअनुप – भारतीय डेरी अनुसंधान संस्थान, कल्याणी द्वारा संयुक्त रूप से जनजातीय किसानों को शूकर पालन पर एक दिवसीय कार्यक्रम येवांग गांव, पश्चिम केमांग में 17 सितंबर को आयोजित किया गया।

वन जलभराव प्रबंधन पर व्यावहारिक अभियांत्रिकी प्रशिक्षण

भाकृअनुप – भारतीय मृदा एवं जल संरक्षण संस्थान (आईआईएसडब्लूसी), क्षेत्रीय केन्द्र, उद्गमंडलम द्वारा सहायक वन संरक्षकों के लिए “वन जलभराव प्रबंधन पर फील्ड अभियांत्रिकी प्रशिक्षण” विषय पर 13 दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम आईआईएसडब्ल्यूसी में आयोजित किया गया।

सोलीगास जनजातियों के लिए खेत दिवस व कौशल विकास कार्यक्रम

2 जून, 2016, पोन्नाचि, कर्नाटक

खेत दिवस व क्षमता निर्माण कार्यक्रम का आयोजन पोन्नाचि गांव, माले महादेश्वरा पहाड़ी (लोकप्रिय नाम एमएम हिल्स), जिला- चामाराजनगर, कर्नाटक में किया गया। इसका उद्देश्य मृदा परीक्षण के आधार पर ऊर्वरकों के प्रयोग से है जिससे जनजातीय किसानों के बीच फसल उत्पादकता को बढ़ाया जा सके। यह कार्यक्रम भाकृअनुप – एआईसीआरपी, एसटीसीआर, एलटीएफई, मृदा संधिपाद (आर्थोपॉड) कीटनाशी एवं संभावित फसलें, यूएसए बेंगलूरू द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया गया था।

समन्वित खेती प्रणाली में एआईसीआरपी के आईएफएस मॉडल में कार्बन पृथकीकरण और जीएचजी मापन पर प्रशिक्षण

भाकृअनुप - भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान (आईआईएफएसआर), मोदीपुरम और भाकृअनुप - भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईएआरआई), नई दिल्ली द्वारा संयुक्त रूप से ‘समन्वित खेती प्रणाली में एआईसीआरपी के आईएफएस मॉडल में कार्बन पृथकीकरण और ग्रीनहाउस गैस (जीएचजी) उत्सर्जन मापन’ विषय पर दो दिवसीय (2-4 अगस्त, 2016) प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

'मृदा एवं जल संरक्षण' पर प्रशिक्षण

भाकृअनुप - भारतीय मृदा एवं जल संरक्षण संस्थान (आईआईडब्ल्यू), देहरादून द्वारा 'मृदा व जल संरक्षण एवं जलभरण प्रबंधन' विषय पर ओडिशा के आठ जिलों से आए 17 कृषि अधिकारियों के लिए 5 दिवसीय (अगस्त 2-6, 2016) प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

‘जूट, मेस्टा, रैमे एवं सनई के अपगलन व उत्पादन’ पर प्रशिक्षण कार्यक्रम

9 अगस्त, 2016

Training on “Production and retting technology of Jute/Mesta/Ramie/Sunnhemp

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन (एनएफएसएम) - वाणिज्यिक फसल, कृषि सहकारिता एवं किसान कल्याण विभाग और कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के द्वारा ‘जूट/ मेस्टा/ रेमे/ सनई के अपगलन व उत्पादन’ पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम भाकृअनुप - राष्ट्रीय जूट एवं संबद्ध रेशा प्रौद्योगिकी (एनआईआरजेएएफटी), कोलकाता में आयोजित किया गया।

"मछली प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन" पर प्रशिक्षण

भाकृअनुप - केंद्रीय मात्स्यिकी प्रौद्योगिकी संस्थान, कोच्चि द्वारा केवीके, वाशिम, महाराष्ट्र की मछली सहकारी समितियों के लिए "मछली प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन" पर तीन दिवसीय (3-5 अगस्त, 2016) प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य ताजा जल मछली पालन के विभिन्न प्रसंस्करण से जुडे पहलुओं तथा इन जलस्रोतों में मछलियों के संरक्षण व मूल्य संवर्धित मछली उत्पादन तकनीक आधारित उत्पादन से प्रशिक्षुओं को परिचित कराना था। इसके साथ ही मत्स्य संरक्षण एवं मूल्य वर्धित गुणवत्तापूर्ण मछली उत्पादन से संबंधित प्रौद्योगिकियों के विभिन्न पहलुओं पर आधारित सहकारी समितियों के सदस्यों को कौशल आ

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