Reports on Capacity Building
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'एकीकृत जलभरण प्रबंधन' पर क्षमता निर्माण कार्यक्रम
आईसीएआर - भारतीय मृदा एवं जल संरक्षण संस्थान, देहरादून द्वारा पांच दिवसीय (26-30 जुलाई, 2016) को समेकित जलभरण प्रबंधन पर वरिष्ठ स्तर के कृषि अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण पाठ्यक्रम का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण पाठ्यक्रम कृषि विस्तार प्रबंधन (इमेज) संस्थान, सिरपुर, भुबनेश्वर द्वारा आयोजित किया गया तथा कृषि एवं खाद्य उत्पादन निदेशालय, भुबनेश्वर, ओडिशा के वित्तीय सहयोग से प्रायोजित किया गया था।
तिलहन उत्पादन प्रौद्योगिकी प्रशिक्षण
भाकृअनुप - कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान, जोधपुर द्वारा कृषि विज्ञान केन्द्रों के नोडल अधिकारियों के लिए तिलहन और तेलताड़ (एनएमओओपी) राष्ट्रीय मिशन के तहत दो दिवसीय (29-30 जुलाई, 2016) प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
“जैविक डेटा के विश्लेषण में कम्प्यूटेशनल उपकरणों के प्रयोग" पर प्रशिक्षण
आईसीएआर- केन्द्रीय मीठा जलजीव पालन संस्थान, भुबनेश्वर और आईसीएआर-भारतीय कृषि सांख्यिकी अनुसंधान संस्थान, नई दिल्ली द्वारा संयुक्त रूप से 5-14 जुलाई, 2016 को “जैविक डेटा के विश्लेषण में कम्प्यूटेशनल उपकरणों के प्रयोग" पर कौशल्यगंगा में प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्बी आंगलोंग में प्रदर्शनी और आर्किड प्रशिक्षण
आईसीएआर - राष्ट्रीय ऑर्किड अनुसंधान केन्द्र, सिक्किम द्वारा परिसर प्रदर्शन और आर्किड की खेती पर प्रशिक्षण कार्यक्रम मारलेलांग्सो गांव, दिफू, कार्बी आंगलोंग (जिला), असम में 19 जुलाई, 2016 को आयोजित किया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम जनजातीय उप-योजना (टीएसपी) के तहत जिरजार स्वयं सहायता समूह हेतु आयोजित किया गया।
महसीर प्रजनन व हैचरी प्रबंधन पर प्रशिक्षण कार्यक्रम
भाकृअनुप – शीत जल मात्स्यिकी अनुसंधान निदेशालय (डीसीएफआर), भीमताल द्वारा ‘महसीर प्रजनन व हैचरी प्रबंधन प्रशिक्षण’ पर छह दिवसीय (1- 6 जुलाई, 2016) प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
डॉ. ए.के. सिंह, निदेशक, भाकृअनुप – डीसीएफआर ने महसीर मछली को बढ़ावा देने व पुनर्वास के लिए हिमालयी राज्य मात्स्यिकी विभाग, केवीके, एनजीओ और एसएयू से संयुक्त प्रयास करने का आग्रह किया। उन्होंने महसीर को बढ़ावा देने के लिए प्रतिभागियों को प्रोत्साहित किया।
‘मछली उत्पादन एवं उत्पादकता बढ़ाने के लिए मेटाजेनोमिक्स व माइक्रोबियोम्स के प्रयोग’ पर विचार मंथन
'मछली उत्पादन एवं उत्पादकता बढ़ाने के लिए मेटाजेनोमिक्स व माइक्रोबियोम्स के प्रयोग पर' 21 जून, 2016 को भाकृअनुप-सीफा, भुबनेश्वर में विचार मंथन बैठक का आयोजन किया गया।
डॉ. पी. जयशंकर, निदेशक, भाकृअनुप-सीफा ने मेटाजेनोमिक्स व माईक्रोबियोम्स के द्वारा मछलियों की तेज वृद्धि, बेहतर प्रतिरोधी क्षमता व रोगरोधी गुणों में बढ़ोतरी की चर्चा की। इससे मछलियों के उत्पादन और उत्पादकता में वृद्धि होती है जिससे किसानों को अधिक आय प्राप्त होती है।
अनुशंसाएं:
ओड़िशा के अधिकारियों के लिए मृदा व जल संरक्षण पर प्रशिक्षण
भाकृअनुप – भारतीय मृदा एवं जल संरक्षण संस्थान (IISWC), देहरादून द्वारा दिनांक 6-10 अप्रैल, 2015 को देहरादून में ‘मृदा व जल संरक्षण तथा जलसंभर प्रबंधन’ पर पांच दिवसीय अल्पावधि प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

जैविक सब्जीो उत्पाेदन पर प्रशिक्षण व जागरूकता कार्यक्रम
भाकृअनुप – उत्तर-पूर्वी पर्वतीय क्षेत्र के लिए भाकृअनुप का अनुसंधान परिसर, सिक्किम केन्द्र, तादोंग, गंगटोक, सिक्किम द्वारा दिनांक 10-12 फरवरी, 2015 के दौरान टीम ऑफ प्रोडीगल होम एनजीओ, नगालैण्ड के लिए तीन दिवसीय ‘जैविक सब्जी उत्पादन पर प्रशिक्षण व जागरूकता कार्यक्रम’ को सफलतापूर्वक आयोजित किया गया।
भाकृअनुप के सिक्किम केन्द्रृ द्वारा टिकाऊ पर्वतीय खेती पर प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन
भाकृअनुप – उत्तर-पूर्वी पर्वतीय क्षेत्र के लिए भाकृअनुप का अनुसंधान परिसर, सिक्किम केन्द्र, तादोंग, गंगटोक, सिक्किम द्वारा जलवायु अनुकूल कृषि पर राष्ट्रीय पहल (NICRA) परियोजना के तत्वावधान में परिवर्तनशील जलवायु परिदृश्य के तहत टिकाऊ पर्वतीय खेती के लिए कृषि पारिस्थितिकी दृष्टिकोण पर 10 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम (दिनांक 16 से 25 मार्च, 2015) के आयोजन की पहल की गई। यह कार्यक्रम पर्वतीय कृषि के टिकाऊपन को बढ़ाने के लिए उभर रहीं पर्यावरणीय समस्याओं का प्रबंधन करने के लिए अनुकूलन तथा न्यूनीकरण रणनीतियों के बारे में शिक्षकों/अनुसंधानकर्मियों/प्रसार कार्मिकों को जानकारी प्रदान करने के लिए
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