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उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों के कृषकों हेतु रतुआ प्रतिरोधी जीनों से संवर्धित गेहूं की उन्नत किस्म वी.एल. 3040 पहचानी गयी |
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कम समय, अधिक उपज: VL मंडुआ 376 तवांग के किसानों के लिए एक आशाजनक फिंगर मिलेट किस्म के रूप में उभरी |
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65वीं अखिल भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान कार्यकर्ता बैठक में महानिदेशक, भाकृअनुप को प्रतिष्ठित श्री वी.एस. माथुर स्मृति पुरस्कार से किया गया सम्मानित |
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अनुसंधान से बाजार तक की राह को सुदृढ़ करना: भाकृअनुप-सिफरी द्वारा आईपीआर एवं प्रौद्योगिकी हस्तांतरण पर कार्यशाला का आयोजन |
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केन्द्रीय कृषि मंत्री ने पटना, बिहार में किसान-केन्द्रित कृषि प्रौद्योगिकियों पर भाकृअनुप वैज्ञानिकों और राज्य के हितधारकों के साथ किया संवाद |
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भाकृअनुप-सीआईएआरआई, श्री विजय पुरम में द्वीप के हितधारकों को मसालों की खेती तथा कटाई के बाद प्रबंधन का प्रशिक्षण |
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डॉ. जे.के. जेना ने भाकृअनुप-सीएमएफआरआई, कोच्चि में एआईएनपी-मेरिकल्चर की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की |
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भाकृअनुप ने पशुधन तथा कुत्तों की 16 नई नस्लों का किया पंजीकरण |
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भाकृअनुप–केवीके, सीसीएआरआई उत्तर गोवा ने जैव-सुदृढ़ीकृत फिंगर मिलेट को बढ़ावा दिया |
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भाकृअनुप-आईआईआरएमआर, भरतपुर ने एआईसीआरपी ऑन रेपसीड-सरसों की 33वीं वार्षिक समूह बैठक की कि मेजबानी |
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